कुल पेज दृश्य

घिसा-पिटा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
घिसा-पिटा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, जनवरी 19, 2018

वही वो मुंआ बवाल


कह दी बात
खुल के
बात अपने 
दिल की
तो हो गया बवाल.....
तलाशते हो
यहां - वहां
रोज बाते चटपटी 
मुहब्बत की 
आँखें ने...जो 
कही.. तो हुआ 
वही.....जिसका 
था.....अंदेशा 
काफी भारी.....हुआ 
बवाल.....
लिहाज कर गए 
बड़ों का
झुका कर....आँख
तो हो गया...वही
घिसा-पिटा सा
बवाल.....
किया सवाल
डालकर आँखें
आखों में
कहलाई मैं
बवाली.....सोचा हमने
कि होगा कहा धोखे से
बावली की जगह
बवाली....पूछ लिया
तो हो गया....वही
वो मुंआ बवाल